दिन रात सोचो, थारे करै कोई आंगळी , तो थे करो घोचो...
HARISH HARRY कांईं हाल चाल है ? जय बाबै गी ख्यांत राखो गाबै गी ! घणो मज़ैदार हरि !कीं नुंवो लगावो अबै ब्लॉग पर ।…और के करण लाग रया हो अबार ? शुभकामनाओं सहित …- राजेन्द्र स्वर्णकार
thanks for remarks.mob.se oprat karta hoon isliye hindi ya rajasthani me nahi likh sakta.ITI electrician trade se kar raha hoon.
दिन रात सोचो,
ReplyDeleteथारे करै कोई आंगळी ,
तो थे करो घोचो...
HARISH HARRY
ReplyDeleteकांईं हाल चाल है ?
जय बाबै गी
ख्यांत राखो गाबै गी !
घणो मज़ैदार हरि !
कीं नुंवो लगावो अबै ब्लॉग पर ।
…और के करण लाग रया हो अबार ?
शुभकामनाओं सहित …
- राजेन्द्र स्वर्णकार
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