बच्चा है कि घर भर में
सुनाता फिर रहा है
अपनी कविता
(कार्य कलाप रुपी)
और मैं हूँ कि
उलझा हूँ
कागजी कविता में।
-निशांत (कविता संग्रह -"बात तो है जब" से)
सुनाता फिर रहा है
अपनी कविता
(कार्य कलाप रुपी)
और मैं हूँ कि
उलझा हूँ
कागजी कविता में।
-निशांत (कविता संग्रह -"बात तो है जब" से)

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